Sarfaroshi ki tamanna aaj

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सरफरोशी की तमन्ना आज किसके दिल में है

सोचता कोई नहीं क्यों और न कोई बातचीत
देखता हूँ मैं जहां सब किश्तियाँ साहिल में हैं ।
सरफरोशी की तमन्ना आज किसके दिल में है
दिख रहा है ज़ोर कितना बाजू-ए क़ातिल में है ।।
वक़्त कब होगा बताओ पूछता है आसमां
रक्तरंजित हो रहा है हर तरफ से ये जहां।
आज मिट जाने की हसरत क्या किसी के दिल में है
सरफरोशी की तमन्ना आज किसके दिल में है ।।
हर तरफ खामोश नज़रें पूछती एक बात हैं
दूर कर सकता क्या कोई ये अंधेरी रात है ।
लग रहा है आज ऐसा हर कोई दलदल में है
सरफरोशी की तमन्ना आज किसके दिल में है ।।
हर कोई दिखता है अब तो एक बेहोशी को लिए
सर नहीं शायद कोई सरफरोशी के लिए ।
अब बरसने की हिमाकत कौन से बादल में है
सरफरोशी की तमन्ना आज किसके दिल में है ।।
देखने वाला नहीं क्यों है कोई क़ातिल को आज
पाँव कैसे आज लौटे पहुँच के मंजिल के पास ।
रक्त है अब वो न शायद बह रहा जो दिल में है
सरफरोशी की तमन्ना आज किसके दिल में है ।।
आज रुख बदला हवा का और बदला तेरा राग
चीख़ती है माँ कि बेटे ही नहीं रखते हैं लाज ।
लौट आओ आज बिस्मिल अब वतन मुश्किल में है
सरफरोशी की तमन्ना आज किसके दिल में है ।।

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