अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

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प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सभी मित्रों को हार्दिक शुभकामनाएँ । आइये इस पावन दिवस के उपलक्ष्य में उन ऋषियों , योगियों और महापुरुषों को कृतज्ञ हृदय से अपने भाव पुष्प अर्पित करें जिन्होंने विश्वमंगलकारी योग की विधाओं को खोजा , सीखा और हजारों वर्षों तक सहेजा तथा सम्पूर्ण विश्व के कल्याण हेतु जन-जन तक पहुंचाया । इसी क्रम में योगेश्वर श्रीकृष्ण तथा योगसूत्र के प्रणेता महर्षि पतंजलि को शत-शत नमन  

योग जीवन जीने की एक सर्वोत्कृष्ट कला है जिसके माध्यम से अपनी संभावनाओं का विकास सहज रूप से ही हो जाता है , साथ ही मनुष्य का शरीर भी निरोगी रहता है । योग मात्र आसान अथवा प्राणायाम नहीं अपितु अस्तित्व के साथ एकाकार होने की एक सरल विद्या है । योग के माध्यम से शरीर और मन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं और हम शरीर तथा मन के प्रति और अधिक जागरूक हो जाते हैं । हम और अधिक संवेदनशील हो जाते हैं तथा यही संवेदनशीलता सभी जीवों के प्रति प्रेम , करुणा और दया जैसे गुणों से भर देती है । योग से विश्व बंधुत्व सहज ही फलित हो सकता है ।

आज के समय में योग को शारीरिक रोग मिटाने और रोगों से सुरक्षित रहने की विधि के रूप में देखा जा रहा है  किन्तु मात्र रोग मिटाना ही योग का उद्देश्य नहीं है । विश्व की सभी समस्याओं का निदान योग में है । योग की महिमा को केवल और केवल अनुभव से ही जाना जा सकता है । इसके लिए आजीवन योग का अभ्यास करना ही श्रेयस्कर होगा । आइये इस प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को योग महोत्सव के रूप में मनाएँ । हम स्वयं योगारूढ़ हों और दूसरों के लिये इसी मार्ग पर चलने की प्रेरणा बनें । 

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